Thursday, January 18, 2018

Enemies

By Devashish Kumar

What to do this Summer?

So it’s the long summer break round the corner. It’s time for a break from this always busy IIT life and earn some refreshments. The time gap is almost 75 days and henceforth there would be chances of some really long boring days during these vacations. Here are some tips on how to use this time in a productive and cool manner.

छाया और धूप

- यश जैन  

कलयुग का है यह एक रूप 

कही है छाया कही है धूप। 

एक तरफ है सुकून भरी छाया 

दूसरी ओर है धूप की माया। 

Beneath the Smile

By Priyanshi

I stood in front of that door. The door with that achingly familiar pine door knocker, with those random slivers of wood peeking from here and there, as if judging my presence. I felt like I was standing in front of a long lost friend, somebody deeply missed and longingly remembered every moment until this one.

यदि हमारा दिमाग, पेट होता

-यश जैन

जब हमारा जन्म हुआ तब ही लोगो ने बोल दिया था कि यह बच्चा बड़ा होकर हलवाई बनेगा। बचपन से ही लम्बोदर तो थे ही, थोडे बड़े हुए तो हमारे खाने की आदत देखकर लोगो को विश्वास होने लगा था कि उनकी भविष्यवाणी सच जरूर होगी । लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि इसके लिये हमें कितने पापड़ बेलने ( और खाने) पड़ेंगे ।

पलायन

-विनय प्रकाश शर्मा

“केशववव”-जब दादाजी ने आवाज़ दी तो केशव फूला ना समाया| दौड़कर बरामदे को पार किया, नन्हे पैरो से चबूतरे को लांघकर इठलाता हुआ केशव रसोई के आस-पास के माहौल का विश्लेषण करने लगा| फिर शांतिपूर्वक वह रसोई में घुस गया जो उसने दादाजी की कहानियों से सीखा था|

The Irony of My Life

By Anant Preet. 

I have no wings, But I still can fly,

My life is full of brutal truth and lie.

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